गुरु सप्तमी पर मुनिश्री को श्री मोहनखेडा तीर्थ के ट्रस्टीगणों द्वारा विनन्ती की

भीनमाल, 18 सितम्बरः स्थानीक रामसीन रोड पर स्थित श्री लक्ष्मीवल्लभ पार्श्वनाथ 72 जिनालय में चातूर्मास कर रहे प. पू. ज्योतिष सम्राट मुनिप्रवर श्री ऋषभचन्द्रविजयजी म. सा. को इस वर्ष 11 जनवरी 2011 की गुरु सप्तमी महामहोत्सव के लिये श्री मोहनखेडा महातीर्थ के ट्रस्टीगण श्री फतेहलालजी कोठारी (महामंत्री), श्री हुकमीचुदजी वागरेचा (कोषाध्यक्ष), श्री बाबुलालजी खिमेसरा (ट्रस्टी) ने विनन्ती करते हुऐ 72 जिनालय महातीर्थ का जायजा लिया। इन्होने 71 जिनालय के कार्य की प्रगति को देखकर संतोष व्यक्त किया।

 

महाकवि माघ, ब्रहमगुप्त एवं सिध्दर्शि गणि की जन्म स्थली भीनमाल नगर में विश्व में ख्याती प्राप्त करने वाला जिस स्तर एवं भव्यता का श्री लक्ष्मीवल्लभ पार्श्वनाथ 72 जिनालय निर्मित हो रहा है, उसी स्तर एवं भव्यता से साथ ही इसका प्रतिष्ठा महोत्सव आगामी 14 फरवरी 2011 को होना है। तीर्थ की सम्पूर्णता का समग्र मार्गदर्शन एवं प्रतिष्ठा महोत्सव को भव्य रुप से आयोजित करने की दृष्टी से शासन प्रभावक, ज्योतिष सम्राट 72 जिनालय तीर्थप्रेरक मुनिप्रवर श्री ऋषभचन्द्रविजयजी म. सा. की स्थिरता 72 जिनालय महातीर्थ में जारी है। श्री मोहनखेडा तीर्थ विकास प्रेरक श्री ऋषभचन्द्रविजयजी म. सा. के चतुर्मास प्रवेश के साथ ही नगर में आध्यात्मीक जागृति का एक वातावरण तैयार हो गया है। तथा 72 जिनालय की प्रतिष्ठा को लेकर जैन समाज ही नही, पूरा नगर एक तरह से उत्साहित है। भव्याति भव्य प्रतिष्ठा प्रसेग की तैयारियां मुनिश्री के मार्गदर्शन में सतत जारी है।

 

इस अवसर पर प्रीतेश जैन, पारस सेन, सहित अनेक गुरु भक्त उपस्थित थे।