चातूर्मास के बाद दो सन्तो का मिलन

भीनमाल, 27 नवम्बरः स्थानीय रामसीन रोड पर स्थीत श्री लक्ष्मी वल्लभ पार्श्वनाथ 72 जिनालय में चातुर्मास कर रहे जैन ज्योतिष सम्राट ऋषभचन्द्र विजय म. सा. तथा जैन मुनि रजतचन्द्र विजय म. सा. का गत दिनों चातूर्मास पूर्ण होने पर समापन समारोह आयोजित किया गया। इसी प्रकार स्थानीय क्षेमकरी माताजी मंदिर प्रांगणा में चातूर्मास कर रहे तपस्वी पंकज मुनी का भी गत दिनो चातुर्मास पुर्ण होने पर समापण समारोह आयोजित हूआ। इसके बाद 72 जिनालय प्रांगण में जैन मूनि ज्योतिष सम्राट ऋषभचन्द्र विजय म. सा. सहित मुनि मण्डल के दर्शनार्थ तपस्वी मूनि पंकज महाराज अपने भक्त गणों के साथ आये तथा आधे घण्टे तक दोनो सन्तो ने विचार विमर्श किया।

 

जैन मुनि ज्योतिष सम्राट ऋषभचन्द्र विजय म. सा. ने तपस्वी मूनि पंकज महाराज के साथ धार्मिक चर्चा की। दोनो सन्तो की कर्म स्थली मध्यप्रदेश होने के कारण वे अपनी पुरानी यादों में खो गए। पंकज मुनि को जैन मुनि ने 72 जिनालय के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए आगामी 14 फरवरी को आयोजित प्रतिष्ठा समारोह का आमंत्रण दिया।

 

इस अवसर पर नागरिक कल्याण मंच के अध्यक्ष माणकमल भण्डारी, पुलिस उप अधिक्षक डॉ. देवेन्द्र शर्मा, सहायक अभियन्ता विद्यूत रमेश सेठ, ईश्वरसिंह देवल, जेसाराम माली, कल्पेश निम्बार्क, सूरेश कुमार, अरविन्द, पुरुषोत्तम, नारायण सहित कई गुरु भक्त उपस्थित थे।

 

जैन मूनि ज्योतिष सम्राट ऋषभचन्द्र विजय म. सा. ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हूए कहा कि शिक्षा का जो महत्व है, हमें उसका अनूसरण करना चाहिए। लोकतंत्र में बिना शिक्षा सही फैसला नहीं कर सकते है। बुध्दी से व्यक्ति मर भी सकता है तथा तर भी सकता है। दया की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि करुणा, प्रेम, वात्सल्य के गुण अपनाकर ही दया की जा सकती है। गौ माता की विशेषता प्रकाश डालते हूए उन्होंने कहा कि गाय का मल-मुत्र भी काम में आता है परन्तु मनूष्य का मल-मुत्र कोई काम नही आता है। बुराईयों के त्याग करने से ही मनुष्य जीवन को सफल बनाने का आव्हान करते हुए उन्होंने विश्नोई समाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे रवेजडी तथा हिरण की रक्षा के लिए अपना जीवन भी दाव पर लगा देते है।

 

इस अवसर पर जैन मूनि रजतचन्द्र विजय म. सा. शान्तिनाथ महाराज साहित अलग-अलग मठ के साधू -संत भीनमाल विधायक पूराराम चैधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष अमीचन्द जैन, माणकमल भण्डारी, सुरेश बोहरा, हरजीराम चौधरी, सोहन सिंह, चिमनसिंह, बलवन्तसिंह, जयसिंह राव सहित निम्बावास ग्राम के हजारो ग्रामीण उपस्थित थे।

 

समारोह आयोजक महेन्द्र सिंह राणावत ने सभी आगन्तुको का आभार व्यक्त किया तथा माणकमल भण्डारी ने समारोह का सफल संचालन किया।

 

इसके पूर्व जैन मुनि ज्योतिष सम्राट ऋषभचन्द्र विजय म. सा. रजतचन्द्र विजय म. सा. तथा शान्तिनाथ महाराज सहित सभी साधू सन्तो का भव्य स्वागत किया गया।