नव वर्ष के उपलक्ष में गौतम रास श्रवण हेतु उमडे श्रध्दालु

भीनमाल: 7 नवम्बर स्थानीय रामसीन रोड पर स्थित श्री लक्ष्मीवल्लभ पार्श्वनाथ 72 जिनालय में चातुर्मास कर रहे प. पू. ज्योतिष सम्राट मुनिप्रवर श्री ऋषभचन्द्रविजयजी म. सा. की निश्रा में नव वर्ष के उपलक्ष में गौतम रास श्रावण हेतू श्रध्दालुओं का रेला उमड पडा। इस अवसर पर प. पू. मुनिराज श्री पियुषचन्द्रविजयजी म. सा. ने गौतम रास का श्रवण कराया। इस समय खचाखच भरे पण्डाल में पीन ड्रोप शान्ति छाई रही। प. पू. मुनिराज श्री रजतचन्द्रविजय जी म.सा. श्री भक्तामर स्त्रोत तथा श्री राजेन्द्र गुरु चालीसा का श्रवण कराया। गौतम रास श्रवण करने हेतु सम्पूर्ण भारत वर्ष के दुर दराज क्षेत्र से कई श्रध्दालु ने भाग लिया ।

 

शाह सूमेरमल हंजारीमल लूंकड परिवार द्वारा आयोजित चातुर्मास समिति के प्रवक्ता माणकमल भण्डारी ने बताया कि परम पूज्य शासन प्रभावक मुनिप्रवर श्री ऋषभचन्द्रविजय जी म. सा. के मौन व्रत की आराधना आगामी 14 नवम्बर को पूर्ण हो रही है। इस अवसर पर पूज्य गूरुदेव का महाकांगलिक भी आयोजित किया जायेगा। प. पू. मूनिराज श्री रजतचन्द्रविजय जी म. सा. ने अपने प्रवचन में दीपावली त्यौहार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अमावस्या कि रात्रि को भगवान महाचीर स्वामी का निर्वाण हूआ तथा नववर्ष की प्रभात बेला में गौतम स्वामी ने विनाप करते हुए केवलज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दीपावली पर घर की सफाई की जाती है, उसी प्रकार अपने अन्तर मन की सफाई करना भी जरूरी है तथा उसके लिए तप - तपस्या - आराधना के जरीये आत्म शुध्दि की जा सकती है। लक्ष्मी वल्लभ पार्श्वनाथ 72 जिनालय की प्रतिष्ठा आगामी 14 फरवरी 2011 को निश्चित की गई है। प्रतिष्ठा अवसर पर 72 जिनालय में सक प्रमुख चार मंदिर को छोडकर प्रतिमा विराजमान कलशा, दण्ड तथा ध्वजा का लाभ भीनमाल सकन जैन संघ को देने का निर्णय भी लिया गया ।

 

नव वर्ष के उपलक्ष में भगवान को लडडू चढाने का लाभ हस्तीमल धर्मचन्द्र जैन परिवार ने लिया तथा मुनिप्रवर को गौतम रास वोहराने का लाभ सुरेशकुमार सोमतमल बोहरा ने लिया। इस अवसर पर भोजिलाल शाह, मरणकमल भण्डारी, किशोरमल मेहता, हस्तीमल जैन, सुरेश बोहरा, भंवरलाल कोमता, रमेश भूरिया, अशोक सेठ, एडवोकेट ललित भण्डारी, डूंगरमल सेकलेचा, सम्पतराज वध्र्दन, विनोद वोरा थराद तथा पी. सी. जैन बांसवाडा सहित हजारों श्रध्दालू उपस्थित थे।